“LIC ने Q3 FY26 में 12,930 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो सालाना 17% की बढ़ोतरी दर्शाता है। शेयर प्राइस 7% से अधिक उछलकर 907 रुपये तक पहुंचा और 900 के पार बंद हुआ। ब्रोकरेज फर्म्स ने बाय रेटिंग बरकरार रखी, टारगेट प्राइस 940 से 1,345 रुपये तक अनुमानित। VNB में 65% ग्रोथ और नॉन-पार प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी बढ़ने से मार्जिन में सुधार।”
LIC के Q3 रिजल्ट्स: प्रॉफिट में उछाल, प्रीमियम इनकम बढ़ी
LIC ने दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 12,930 करोड़ रुपये दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही के 11,008 करोड़ रुपये से 17% अधिक है। क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर आधार पर यह 10,098 करोड़ रुपये से 28% ऊपर है। नेट प्रीमियम इनकम 1.26 लाख करोड़ रुपये रही, जो सालाना 17% की वृद्धि दिखाती है।
कंपनी की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) दिसंबर 2025 तक 59.17 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई, जो सालाना 8% की बढ़ोतरी है। वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस (VNB) में 65% की जोरदार ग्रोथ दर्ज हुई, जबकि VNB मार्जिन नौ महीनों में 18.8% तक पहुंच गया, जो पिछले साल के 17.1% से बेहतर है।
शेयर मार्केट रिएक्शन: 900 के पार उछाल
रिजल्ट्स आने के बाद LIC के शेयर्स में तेजी आई। NSE पर शेयर 7.4% बढ़कर 907.50 रुपये के हाई पर पहुंचा और 901.85 रुपये पर बंद हुआ, जो पिछले क्लोज 839.75 रुपये से ऊपर है। BSE पर भी 7% की बढ़ोतरी के साथ 899.20 रुपये तक ट्रेड हुआ। वॉल्यूम 1.58 करोड़ शेयर्स से अधिक रहा।
यह उछाल टैक्स कट्स से बढ़ी रिटेल डिमांड और इन्वेस्टमेंट इनकम की वजह से आया। पिछले 52 हफ्तों में शेयर का लो 715.30 रुपये और हाई 980 रुपये रहा है।
बिजनेस सेगमेंट ब्रेकडाउन: इंडिविजुअल vs ग्रुप
| इंडिकेटर | Q3 FY26 | Q3 FY25 | YoY चेंज (%) | Q2 FY26 | QoQ चेंज (%) |
|---|---|---|---|---|---|
| नेट प्रॉफिट (क्रोर रुपये) | 12,930 | 11,008 | +17 | 10,098 | +28 |
| नेट प्रीमियम इनकम (लाख करोड़ रुपये) | 1.26 | 1.07 | +17 | 1.27 | -0.7 |
| VNB मार्जिन (%) | 18.8 (9M) | 17.1 (9M) | +1.7 | 17.6 (6M) | +1.2 |
| AUM (लाख करोड़ रुपये) | 59.17 | 54.72 | +8 | 57.50 | +2.9 |
इंडिविजुअल बिजनेस में APE बेसिस पर प्रीमियम 27,552 करोड़ रुपये रहा, जो कुल APE का 62.61% है। नॉन-पार प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी 36.46% तक बढ़ी, जो पिछले साल के 47.44% ग्रोथ से सपोर्टेड है। ग्रुप बिजनेस से 16,455 करोड़ रुपये आए, जो कुल का 37.39% है।
इंडिविजुअल सेगमेंट में 1.16 करोड़ पॉलिसीज बिकीं, जो पिछले साल से मामूली 0.40% कम है। लेकिन नॉन-पार APE 10,045 करोड़ रुपये पहुंचा, जो सालाना 47% ऊपर है। ग्रुप बिजनेस में एक्सपेंस बढ़ने से कुछ प्रेशर रहा, लेकिन ओवरऑल मार्जिन में इम्प्रूवमेंट हुआ।
एनालिस्ट व्यूज: अगला टारगेट क्या?
ब्रोकरेज फर्म्स ने रिजल्ट्स को ‘वेरी स्ट्रॉन्ग’ बताया। JM Financial ने बाय रेटिंग बरकरार रखी, टारगेट प्राइस 1,111 रुपये रखा, जो 0.7x मार्च 2028 EVPS पर बेस्ड है। Motilal Oswal ने FY26-28 VNB एस्टिमेट्स 12-14% बढ़ाए और टारगेट 1,100 रुपये किया।
Citi ने बाय रेटिंग के साथ 1,345 रुपये का हाई टारगेट दिया, VNB में 65% ग्रोथ पर फोकस करते हुए। Bernstein ने मार्केट-पर्फॉर्म रेटिंग दी, टारगेट 940 रुपये। Emkay Global ने ऐड से बाय में अपग्रेड किया, मार्जिन इम्प्रूवमेंट पर।
औसत टारगेट प्राइस 1,091 रुपये है, जो करेंट प्राइस से 21% अपसाइड दिखाता है। 22 एनालिस्ट्स में 81% ने बाय रेकमेंड किया। P/E रेशियो 10.8 है, जो इंडस्ट्री एवरेज से कॉम्पिटिटिव।
की पॉइंट्स: ग्रोथ ड्राइवर्स और चैलेंजेस
ग्रोथ ड्राइवर्स: नॉन-पार प्रोडक्ट्स की बढ़ती मिक्स (63.54% पार vs 36.46% नॉन-पार), इंडिविजुअल सेगमेंट में 61% ग्रोथ, और टैक्स कट्स से रिटेल डिमांड। इन्वेस्टमेंट इनकम ने प्रॉफिट बूस्ट किया।
चैलेंजेस: ग्रुप बिजनेस में हाई एक्सपेंस और GST इनपुट टैक्स क्रेडिट डिसअलाउंस से 280 bps ड्रैग। प्रीमियम इनकम में क्वार्टरली 2.31% गिरावट।
फ्यूचर आउटलुक: कंपनी हाई-मार्जिन पॉलिसीज पर फोकस कर रही है। 9M FY26 में APE 44,007 करोड़ रुपये रहा, जो मजबूत ग्रोथ ट्रैजेक्टरी दिखाता है।
कंपैरिजन विद पीयर्स: ICICI Prudential का PAT 19% ऊपर 390 करोड़, VNB मार्जिन 24.4%। SBI Life का PAT 21.82% बढ़कर 576 करोड़। HDFC Life का PAT फ्लैट 442 करोड़। LIC का मार्केट कैप 5.69 लाख करोड़ रुपये, जो इंडस्ट्री लीडर है।
फाइनेंशियल हेल्थ: की मेट्रिक्स
LIC का कैपिटल पोजीशन मजबूत है, लॉन्ग-टर्म डेब्ट जीरो। ROE 53.13% है, जो हाई प्रॉफिटेबिलिटी दिखाता है। मार्केट कैप 5.69 लाख करोड़ रुपये, फ्री फ्लोट 19,417 करोड़। स्टॉक का 52-वीक रेंज 715-980 रुपये।
इन्वेस्टर एडवाइज: रिस्क और अपॉर्च्युनिटी
| मेट्रिक | वैल्यू | इंडस्ट्री कंपैरिजन |
|---|---|---|
| मार्केट कैप (लाख करोड़ रुपये) | 5.69 | हाईएस्ट इन सेक्टर |
| P/E रेशियो | 10.8 | कॉम्पिटिटिव (पीयर्स 15-20) |
| ROE (%) | 53.13 | स्ट्रॉन्ग |
| डेब्ट-टू-इक्विटी | 0 | लो रिस्क |
रिस्क में कॉम्पिटिशन से प्रेशर और रेगुलेटरी चेंजेस शामिल। अपॉर्च्युनिटी में इंडिया की बढ़ती इंश्योरेंस पेनेट्रेशन और डिजिटल इनिशिएटिव्स। स्टॉक ने पिछले साल मामूली गिरावट दिखाई, लेकिन Q3 रिजल्ट्स से रिकवरी सिग्नल।
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