“सोना और चांदी के दामों में पिछले दो दिनों से लगातार भारी गिरावट देखी जा रही है। 24 कैरेट सोना प्रति ग्राम ₹2800 तक सस्ता हुआ है, जबकि चांदी प्रति किलो ₹16700 तक टूट गई है। वैश्विक बाजारों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और मजबूत अमेरिकी रोजगार डेटा के बाद फेड रेट कट की उम्मीदें कम होने से यह गिरावट आई है। भारत में यह गिरावट निवेशकों के लिए खरीदारी का अवसर बन सकती है, लेकिन एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि शॉर्ट टर्म में सतर्क रहें और लॉन्ग टर्म होल्डिंग पर फोकस करें।”
सोना-चांदी के भाव में भारी गिरावट: निवेश का मौका या जोखिम?
भारत के सर्राफा बाजार में सोना और चांदी के दामों में तेज गिरावट जारी है। पिछले दो दिनों में सोने के दाम प्रति 10 ग्राम में हजारों रुपये की कमी आई है, जबकि चांदी में प्रति किलो ₹16,700 से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स (अप्रैल 2026) ₹1,56,200 प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो हाल के उच्च स्तर से काफी नीचे है। इसी तरह सिल्वर फ्यूचर्स (मार्च 2026) ₹2,44,999 प्रति किलो पर पहुंचा है, लेकिन स्पॉट मार्केट में गिरावट ज्यादा तेज रही है।
वर्तमान भाव (14 फरवरी 2026 के अनुसार प्रमुख शहरों में)
दिल्ली: 24 कैरेट सोना ₹15,976 प्रति ग्राम, 22 कैरेट ₹14,646 प्रति ग्राम; चांदी ₹2,899 प्रति 10 ग्राम (₹2,89,900 प्रति किलो)
मुंबई: 24 कैरेट सोना ₹15,961 प्रति ग्राम, 22 कैरेट ₹14,631 प्रति ग्राम; चांदी ₹2,89,900 प्रति किलो
चेन्नई/कोलकाता: औसतन 24 कैरेट सोना ₹15,775-15,790 प्रति ग्राम; चांदी ₹2,75,000-2,80,000 प्रति किलो
यह गिरावट पिछले हफ्ते के रिकॉर्ड उच्च स्तरों से आई है, जहां सोना ₹1.80 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹3.85 लाख प्रति किलो तक पहुंच गई थी।
गिरावट के प्रमुख कारण
अमेरिकी डॉलर की मजबूती — मजबूत US जॉब्स डेटा (जनवरी में नॉनफार्म पेरोल्स बढ़ोतरी) के बाद फेडरल रिजर्व से रेट कट की संभावना कम हुई, जिससे डॉलर इंडेक्स ऊपर चढ़ा और डॉलर-डिनॉमिनेटेड मेटल्स पर दबाव बढ़ा।
प्रॉफिट बुकिंग और लिक्विडेशन — जनवरी में चांदी में 130% से ज्यादा की तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफा वसूली की। लेवरेज्ड पोजीशंस पर मार्जिन कॉल्स ने बिकवाली को तेज किया।
ग्लोबल रिस्क ऑफ मोड — टेक स्टॉक्स में गिरावट और इंडस्ट्रियल डिमांड (सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स) में संभावित मंदी के संकेतों से चांदी पर ज्यादा असर पड़ा, क्योंकि यह इंडस्ट्रियल मेटल भी है।
भारतीय बाजार में फैक्टर — वैलेंटाइन डे पर ज्वेलरी डिमांड होने के बावजूद, हाई प्राइसेज से खरीदार सतर्क रहे। MCX पर भी ट्रेडिंग वॉल्यूम में उतार-चढ़ाव देखा गया।
एक्सपर्ट की राय: क्या अब खरीदें?
कई कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह गिरावट शॉर्ट टर्म करेक्शन है और लॉन्ग टर्म में सोना-चांदी मजबूत बने रहेंगे।
सोना के लिए — गोल्ड अभी भी इन्फ्लेशन हेज और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के खिलाफ सुरक्षित एसेट है। अगर ग्लोबल अनिश्चितता बढ़ी तो ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम के ऊपर रिकवरी संभव।
चांदी के लिए — गोल्ड-सिल्वर रेशियो 65:1 के आसपास है, जो ऐतिहासिक औसत से ऊपर है। इंडस्ट्रियल डिमांड (EV, सोलर पैनल) से चांदी में ज्यादा तेजी की संभावना। लेकिन वोलेटिलिटी ज्यादा रहने की चेतावनी।
एक्सपर्ट सलाह: छोटी मात्रा में SIP की तरह खरीदें, 5-10% पोर्टफोलियो में अलोकेट करें। शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स सतर्क रहें, क्योंकि ₹1.54 लाख (सोना) और ₹2.40 लाख (चांदी) सपोर्ट लेवल महत्वपूर्ण हैं। अगर ये टूटे तो और गिरावट संभव।
निवेश टिप्स इस गिरावट में
डिजिटल गोल्ड या ETF में निवेश करें ताकि स्टोरेज कॉस्ट बचे।
ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए वैलेंटाइन डे पर डिस्काउंट का फायदा उठाएं।
लॉन्ग टर्म (3-5 साल) के लिए यह स्तर आकर्षक लग रहा है, लेकिन डाइवर्सिफाई करें।
ग्लोबल इवेंट्स जैसे फेड मीटिंग और US इकोनॉमिक डेटा पर नजर रखें।
यह गिरावट निवेशकों के लिए खरीदारी का मौका बन सकती है, लेकिन जोखिम समझकर फैसला लें।
Disclaimer: यह न्यूज और मार्केट ट्रेंड्स पर आधारित रिपोर्ट है। निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें। बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य है।