“चांदी की कीमतों में पिछले तीन दिनों में प्रति किलोग्राम 2 लाख रुपये की भारी गिरावट दर्ज हुई है, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ; सोने में भी 10 ग्राम पर 9,000 रुपये की कमी आई; बाजार में वैश्विक दबाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण यह ट्रेंड; निवेशक अब सतर्क, जबकि भविष्य में रिकवरी की संभावना।”
चांदी की कीमतें पिछले तीन दिनों में तेजी से गिरी हैं, जहां प्रति किलोग्राम 2 लाख रुपये की कमी आई है। MCX पर चांदी का भाव अब 2.41 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है, जबकि तीन दिन पहले यह 4.41 लाख रुपये के स्तर पर था। इस गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक बाजार में मंदी, US dollar की मजबूती और geopolitical tensions में कमी है। निवेशकों के लिए यह एक बड़ा झटका है, क्योंकि चांदी में निवेश मुख्य रूप से industrial demand और safe-haven asset के रूप में किया जाता है।
सोने की कीमतों में भी कमी देखी गई है, जहां 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम पर 1.49 लाख रुपये पर आ गया है, जो तीन दिनों में 9,000 रुपये कम है। दिल्ली में 22 कैरेट सोना 1.36 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड हो रहा है, जबकि मुंबई में यह 1.35 लाख रुपये है। इस गिरावट से bullion market में volatility बढ़ी है, और traders अब short positions ले रहे हैं।
निवेशकों के नुकसान की गणना करें तो, यदि कोई निवेशक तीन दिन पहले 1 किलोग्राम चांदी खरीदता, तो उसे अब 2 लाख रुपये का सीधा नुकसान है। 10 किलोग्राम चांदी पर यह नुकसान 20 लाख रुपये तक पहुंच जाता है। छोटे निवेशकों के लिए, जो 100 ग्राम चांदी रखते हैं, नुकसान 20,000 रुपये का है। इसी तरह, सोने में 10 ग्राम पर 9,000 रुपये का घाटा, यानी 100 ग्राम पर 90,000 रुपये का प्रभाव। institutional investors, जैसे mutual funds और ETFs, ने इस दौरान करोड़ों का नुकसान उठाया है, क्योंकि silver futures में heavy selling देखी गई।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे Federal Reserve की interest rate policies और China की slowing economy प्रमुख हैं। India में import duty और GST के प्रभाव से local prices और प्रभावित हुए हैं। चांदी की industrial use, जैसे electronics और solar panels में, demand कम होने से prices पर दबाव है। सोने की jewelry demand भी festive season结束后 कम हुई है, जिससे spot prices गिरे।
प्रमुख शहरों में आज की कीमतें:
पिछले तीन दिनों की कीमतों में बदलाव:
30 जनवरी: चांदी ₹4.41 लाख/किग्रा, सोना ₹1.58 लाख/10 ग्राम
| शहर | 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) | 22 कैरेट सोना (10 ग्राम) | चांदी (1 किलोग्राम) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹1,49,189 | ₹1,36,756 | ₹2,41,680 |
| मुंबई | ₹1,47,940 | ₹1,35,612 | ₹2,41,680 |
| चेन्नई | ₹1,58,576 | ₹1,45,361 | ₹2,59,500 |
| बेंगलुरु | ₹1,58,504 | ₹1,45,295 | ₹2,60,000 |
| कोलकाता | ₹1,49,189 | ₹1,36,756 | ₹2,41,680 |
31 जनवरी: चांदी ₹3.66 लाख/किग्रा (75,000 रुपये की गिरावट), सोना ₹1.53 लाख/10 ग्राम (5,000 रुपये की गिरावट)
1 फरवरी: चांदी ₹3.12 लाख/किग्रा (54,000 रुपये की गिरावट), सोना ₹1.49 लाख/10 ग्राम (4,000 रुपये की गिरावट)
आज: चांदी ₹2.41 लाख/किग्रा (71,000 रुपये की गिरावट), कुल 2 लाख रुपये की कमी
निवेशकों के लिए सलाह: यदि आप long-term investor हैं, तो इस dip को buy opportunity मानें, क्योंकि analysts का अनुमान है कि 2026 के अंत तक चांदी 3.50 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। short-term traders को stop-loss लगाकर trade करें। diversification के लिए gold ETFs या sovereign gold bonds पर विचार करें। market sentiment negative है, लेकिन upcoming economic data से rebound संभव।
चांदी के नुकसान की विस्तृत गणना विभिन्न मात्राओं के लिए:
सोने के लिए समान गणना:
| मात्रा (चांदी) | तीन दिन पहले कीमत | आज की कीमत | नुकसान (रुपये) |
|---|---|---|---|
| 100 ग्राम | 44,100 | 24,168 | 19,932 |
| 1 किलोग्राम | 4,41,000 | 2,41,680 | 1,99,320 |
| 10 किलोग्राम | 44,10,000 | 24,16,800 | 19,93,200 |
| 100 किलोग्राम | 4,41,00,000 | 2,41,68,000 | 1,99,32,000 |
| मात्रा (सोना) | तीन दिन पहले कीमत | आज की कीमत | नुकसान (रुपये) |
| 1 ग्राम | 15,800 | 14,919 | 881 |
| 10 ग्राम | 1,58,000 | 1,49,189 | 8,811 |
| 100 ग्राम | 15,80,000 | 14,91,890 | 88,110 |
| 1 किलोग्राम | 1,58,00,000 | 1,49,18,900 | 8,81,100 |
इस गिरावट से commodity market में panic selling बढ़ी है, और volumes में 20% की वृद्धि दर्ज हुई। global cues से India का bullion sector सीधे प्रभावित होता है, जहां COMEX silver 75 USD per ounce पर ट्रेड हो रहा है। रुपये की कमजोरी से import costs बढ़े, लेकिन demand कम होने से prices पर असर।
भविष्य के ट्रेंड्स: experts का कहना है कि यदि US economy में slowdown जारी रहा, तो precious metals में safe-haven buying बढ़ सकती है। India में budget announcements के बाद tax benefits से gold demand boost हो सकती है। चांदी की green energy sector में role से long-term growth预期। निवेशक अब hedging strategies अपनाएं, जैसे options trading या futures contracts।
market indicators: RSI silver के लिए oversold level पर है, जो rebound signal देता है। moving averages से prices नीचे हैं, लेकिन MACD crossover संभव। volatility index high है, इसलिए cautious approach जरूरी।
Disclaimer: यह समाचार, रिपोर्ट, टिप्स और स्रोतों पर आधारित है।