अदाणी पोर्ट्स ने दिसंबर तिमाही में शानदार प्रदर्शन दर्ज किया। कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 21% बढ़कर 3,043 करोड़ रुपये पहुंचा। रेवेन्यू 22% बढ़कर 9,705 करोड़ रुपये हुआ। EBITDA 20% बढ़कर 5,786 करोड़ रुपये पर पहुंचा, जो कंपनी के इतिहास में सर्वाधिक है। कंपनी ने FY26 के लिए EBITDA गाइडेंस 22,800 करोड़ रुपये तक बढ़ा दी। कार्गो वॉल्यूम 9% बढ़ा, जबकि कंटेनर मार्केट शेयर 45.8% पर मजबूत रहा।
अदाणी पोर्ट्स का दिसंबर तिमाही में रिकॉर्ड प्रदर्शन
अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में मजबूत वृद्धि दर्ज की है। कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 21% की बढ़ोतरी के साथ 3,043 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 2,518 करोड़ रुपये था। यह वृद्धि मुख्य रूप से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स, लॉजिस्टिक्स तथा मरीन बिजनेस से आई है।
रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 22% बढ़कर 9,705 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल यह 7,964 करोड़ रुपये था। EBITDA (अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन एंड एमॉर्टाइजेशन) 20% की बढ़ोतरी के साथ 5,786 करोड़ रुपये पर पहुंचा। EBITDA मार्जिन 59.6% रहा। घरेलू पोर्ट्स से EBITDA अब तक के उच्चतम स्तर 4,877 करोड़ रुपये पर पहुंचा, जो 14.59% की वृद्धि दर्शाता है। अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स से EBITDA 103% बढ़कर 236 करोड़ रुपये हुआ।
कार्गो वॉल्यूम 123 मिलियन मीट्रिक टन रहा, जो पिछले साल की तिमाही के 112 मिलियन मीट्रिक टन से 9% अधिक है। कंपनी का ऑल इंडिया कंटेनर मार्केट शेयर 45.8% पर स्थिर रहा। मुंद्रा पोर्ट ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, जहां फुली लेडेन वेरी लार्ज क्रूड कैरियर (VLCC) सीधे जेट्टी पर बर्थ हुआ। इससे ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट में काफी कमी आई।
लॉजिस्टिक्स बिजनेस में एसेट-लाइट स्ट्रैटेजी का असर साफ दिखा। लॉजिस्टिक्स रेवेन्यू 62% बढ़कर 1,121 करोड़ रुपये हो गया। इंटरनेशनल फ्रेट नेटवर्क से EBITDA में 770 bps की बढ़ोतरी हुई। अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स से रेवेन्यू पहली बार 1,000 करोड़ रुपये के पार पहुंचकर 1,067 करोड़ रुपये हुआ, जबकि EBITDA दोगुना हो गया। मरीन सर्विसेज से EBITDA 13% बढ़कर 428 करोड़ रुपये रहा।
कंपनी ने NQXT (नॉर्थ क्वींसलैंड एक्सपोर्ट टर्मिनल), ऑस्ट्रेलिया का 100% अधिग्रहण पूरा किया। इससे FY26 के लिए रेवेन्यू गाइडेंस 38,000 करोड़ रुपये पर अपडेट की गई। EBITDA गाइडेंस पहले के 21,000-22,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 22,800 करोड़ रुपये कर दी गई। इसमें मौजूदा ऑपरेशंस से 500 करोड़ रुपये अतिरिक्त और NQXT के Q4 कंसॉलिडेशन से 300 करोड़ रुपये का योगदान शामिल है।
यह प्रदर्शन कंपनी की चार मुख्य बिजनेस पिलर्स – पोर्ट्स, लॉजिस्टिक्स, मरीन और इंटरनेशनल – पर निरंतर मोमेंटम को दर्शाता है। बैलेंस शीट मजबूत बनी हुई है और लीवरेज स्तर अधिग्रहण के बाद भी अपरिवर्तित रहा। कंपनी 2030 तक 1 बिलियन टन कार्गो वॉल्यूम हासिल करने की राह पर है।
मुख्य वित्तीय आंकड़े (तुलनात्मक)
FY26 अपडेटेड गाइडेंस
रेवेन्यू: 38,000 करोड़ रुपये
EBITDA: 22,800 करोड़ रुपये
| पैरामीटर | Q3 FY26 (करोड़ रुपये) | Q3 FY25 (करोड़ रुपये) | % वृद्धि |
|---|---|---|---|
| नेट प्रॉफिट | 3,043 | 2,518 | +21% |
| रेवेन्यू | 9,705 | 7,964 | +22% |
| EBITDA | 5,786 | 4,802 | +20% |
| घरेलू पोर्ट्स EBITDA | 4,877 | – | +14.59% |
| लॉजिस्टिक्स रेवेन्यू | 1,121 | – | +62% |
| अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स रेवेन्यू | 1,067 | – | +20% |
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