“यूनियन बजट 2026 से महज दो दिन पहले शेयर बाजार में हड़कंप मचा हुआ है। स्विगी के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि कंपनी ने दिसंबर 2025 तिमाही में 1065 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा रिपोर्ट किया। बाजार की अनिश्चितता और कंपनी के लगातार घाटे ने निवेशकों को झटका दिया है।”
बजट से पहले बाजार में भारी गिरावट का दौर
भारतीय शेयर बाजार में बजट पेश होने से ठीक पहले भयंकर उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सेंसेक्स 600 अंकों से ज्यादा टूटकर 81,700 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी भी 0.70% से अधिक गिरकर 25,150 के करीब पहुंच गया है। निवेशक बजट में टैक्स राहत, कैपिटल गेन टैक्स में बदलाव और इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च जैसे ऐलानों का इंतजार कर रहे हैं। वैश्विक संकेतों में कमजोरी, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और घरेलू मोर्चे पर महंगाई के दबाव ने बाजार को दबाव में रखा है। ऐसे में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी जा रही है।
स्विगी शेयर क्यों हुए धड़ाम?
ऑनलाइन फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्विगी के शेयरों में पिछले कारोबारी सत्र में 7% से 8% तक की भारी गिरावट आई। शेयर का भाव 327 रुपये के पिछले बंद से घटकर 309-310 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस गिरावट से कंपनी की मार्केट कैप में भी करीब 5-6 हजार करोड़ रुपये का असर पड़ा, लेकिन मुख्य वजह कंपनी के Q3 FY26 (अक्टूबर-दिसंबर 2025) के नतीजे रहे। कंपनी ने इस तिमाही में 1065 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही के 799 करोड़ रुपये के घाटे से काफी ज्यादा है।
घाटे का विस्तार मुख्य रूप से इंस्टामार्ट (क्विक कॉमर्स) सेगमेंट में बढ़े नुकसान की वजह से हुआ। हालांकि फूड डिलीवरी सेगमेंट में कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन दिखाया, लेकिन समग्र स्तर पर घाटा कम होने के बजाय बढ़ गया।
स्विगी के Q3 FY26 प्रमुख वित्तीय आंकड़े
| पैरामीटर | Q3 FY26 | YoY बदलाव | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| समेकित एडजस्टेड रेवेन्यू | 6,431 करोड़ | +50.8% | मजबूत ग्रोथ |
| कुल रेवेन्यू | 6,148 करोड़ | +54% | हाई ग्रोथ लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी दूर |
| शुद्ध घाटा | 1,065 करोड़ | बढ़ा (799 करोड़ से) | घाटा विस्तार |
| कैश बर्न | 903 करोड़ | – | हाई कैश बर्न जारी |
| फूड डिलीवरी GOV | 8,959 करोड़ | +20.5% | EBITDA 272 करोड़ (3% मार्जिन) |
| इंस्टामार्ट GOV | 7,938 करोड़ | +103% | EBITDA लॉस 908 करोड़ (-11.4% मार्जिन) |
| कुल GOV | 18,122 करोड़ | +49% | मजबूत ऑर्डर वैल्यू ग्रोथ |
| औसत मासिक ट्रांजैक्टिंग यूजर्स | 18.1 मिलियन (फूड) | +25% | यूजर बेस बढ़ा |
| कैश पोजिशन | 13,512 करोड़ | – | मजबूत लिक्विडिटी (प्रोफॉर्मा 15,900 करोड़) |
फूड डिलीवरी सेगमेंट में कंपनी ने 3% का एडजस्टेड EBITDA मार्जिन हासिल किया, जबकि इंस्टामार्ट में घाटा बढ़ने से समूह स्तर पर प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव रहा। कंपनी ने गहरी छूट से बचने और यूनिट इकोनॉमिक्स पर फोकस करने की बात कही है, लेकिन इससे शॉर्ट टर्म में ऑर्डर ग्रोथ पर असर पड़ सकता है।
क्यों बढ़ रहा है घाटा?
इंस्टामार्ट में हाई ग्रोथ के बावजूद लॉजिस्टिक्स और एडवरटाइजिंग खर्च बढ़े।
विज्ञापन खर्च पिछले साल की तुलना में 47.5% बढ़ा।
प्रतिस्पर्धा तेज होने से मार्जिन पर दबाव।
कंपनी ने रैपिडो स्टेक बिक्री और QIP से कैश जुटाया, लेकिन बर्न रेट हाई है।
बाजार विशेषज्ञों की राय
विश्लेषकों का कहना है कि स्विगी की ग्रोथ इंप्रेसिव है, लेकिन लगातार घाटा और कैश बर्न निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। बजट में अगर कैपिटल मार्केट्स या कंज्यूमर स्पेंडिंग को सपोर्ट करने वाले ऐलान होते हैं, तो रिकवरी संभव है। फिलहाल शेयर 52 हफ्ते के हाई 474 रुपये से काफी नीचे है और लोअर लेवल पर ट्रेड कर रहा है।
अन्य कंज्यूमर स्टॉक्स पर असर
बजट से पहले ज्यादातर कंज्यूमर और टेक स्टॉक्स में दबाव दिख रहा है। जोमैटो, Zomato जैसे प्लेयर भी प्रभावित हुए हैं, लेकिन स्विगी के घाटे ने इसे और गहरा कर दिया।
Disclaimer: यह खबर उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी और बाजार आंकड़ों पर आधारित है। यह निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।